बीसलपुर बांध की भराव क्षमता 1 मीटर बढ़ाने एवं चंबल का पानी बनास में डालने की योजना के विरोध को लेकर रविवार को ग्रामीणों ने देवली उपखंड के नेगड़िया ग्राम में राष्ट्रीय विस्थापित समन्वय संघर्ष समिति के बैनर तले महापंचायत का आयोजन किया। महापंचायत में बीसलपुर बांध से प्रभावित 68 गांवों के ग्रामीणों ने भाग लिया।
समिति अध्यक्ष मुकुट सिंह राणावत ने बताया कि महापंचायत में निर्णय लिया गया कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जाएगा तथा जवाब आने का 7 दिन इंतजार करेंगे। यदि मांग नहीं मानी गई तो उसके बाद उपखंड मुख्यालय पर धरना दिया जाएगा। अध्यक्ष ने बताया कि पूर्व में बीसलपुर बांध में 63 गांव डूब में थे जिससे विस्थापित हुए ग्रामीण पुनर्वास कॉलोनियों में निवास कर रहे है। अब सरकार दुबारा पुनर्वास कॉलोनियों को डुबोने जा रही है जो पुनर्वास नीति के खिलाफ है। महापंचायत में सभी ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि बांध की भराव क्षमता बढ़ाने के निर्णय को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा आंदोलन किया जाएगा। महापंचायत में राजबहादुर, कुलदीप मीणा, पुरुषोत्तम शर्मा, यादराम मीणा राम सिंह मीणा, कैलाश लोधा, गोवर्धन जांगिड़, रतन हाडा, मनोज मीणा, राजू गुर्जर आदि मौजूद रहे।
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बीसलपुर बांध की भराव क्षमता बढ़ाने एवं चंबल का पानी बनास में डालने की योजना का विरोध, ग्रामीणों ने महापंचायत कर जताया विरोध










