नरेश मीणा शुक्रवार की देर शाम देवली उपखण्ड मुख्यालय पर बीसलपुर बांध की जल भराव क्षमता बढ़ाने के विरोध में चल रहे बांध विस्थापितों के अनिश्चितकालीन धरने में शामिल हुए।
इस मौके पर नरेश मीणा ने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र है विस्थापितों की समस्या पर ध्यान देकर ठोस समाधान नहीं निकाला तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज की अनदेखी दुर्भाग्यपूर्ण है। तीन महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है। मीणा ने बांध की क्षमता बढ़ाने के निर्णय को स्थानीय हितों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से करीब 68 गांव डूब क्षेत्र में आ जाएंगे, जिससे हजारों लोगों का जीवन और रोजगार प्रभावित होगा। उन्होंने स्थानीय लोगों की मांगों को जायज ठहराते हुए विरोध प्रदर्शन तेज करने का आह्वान किया।
नरेश मीणा बीसलपुर बांध विस्थापितों के धरने में शामिल हुए, मांगे नहीं मानने पर दी बड़े आंदोलन की चेतावनी










