देवली में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय खोलने की मांग को लेकर बार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष ललित चौहान ने बताया कि देवली में करीब 34 वर्ष पूर्व मुंसिफ कोर्ट की स्थापना हुई थी। वर्तमान में यहां सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, अपर सिविल न्यायाधीश एवं अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट, ग्राम न्यायालय तथा अपर जिला न्यायाधीश कैंप कोर्ट सहित चार न्यायालय संचालित हो रहे हैं। एडीजे कैंप कोर्ट भी पिछले 8 वर्षों से सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है, इसके बावजूद इसे स्थाई दर्ज नहीं दिया गया है। ज्ञापन में बताया कि देवली क्षेत्राधिकार के करीब 730 प्रकरण टोंक जिला न्यायालय में विचाराधीन है। इनमें 80 से 90 सिविल एवं फौजदारी नियमित प्रकरण, अनुसूचित जाति जनजाति न्यायालय टोंक में देवली क्षेत्र के चार थानों से जुड़े करीब 200 प्रकरण तथा पारिवारिक न्यायालय टोंक में 30 से 40 मामले शामिल हैं। इसके अलावा जिला न्यायालय में देवली क्षेत्र की करीब 750 अपील लंबित है, कुल मिलाकर 500 से अधिक मामले एडीजे स्तर पर टोंक में चल रहे हैं। ज्ञापन में बताया कि वर्ष 1992 में स्थापित मुंसिफ न्यायालय को 34 वर्षों बाद भी क्रमोन्नत नहीं किया गया है जबकि मुकदमों का भार और क्षेत्राधिकार दोनों ही मामलों में देवली अग्रणी है। एसोसिएशन ने मांग की है कि एडीजे कैम्प कोर्ट को स्थायी किया जाए तथा मुंसिफ कोर्ट का क्रमोन्नयन किया जाए ताकि क्षेत्र की जनता को सस्ता और सुलभ न्याय मिल सके और हजारों लोगों को राहत प्राप्त हो।
स्थायी एडीजे कोर्ट की मांग : बार एसोसिएशन ने सीएम को भेजा ज्ञापन, ताकि क्षेत्र की जनता को सस्ता और सुलभ न्याय मिल सके










