देवली उपखण्ड के कल्याणपुरा ग्राम में चल रही भागवत कथा में कथा वाचक पण्डित तुलसीराम शास्त्री ने प्रवचन करने हुए कहा कि मनुष्य को सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए सत्कर्म करना चाहिए।
उन्होंने कहा कलियुग में भगवान के नाम स्मरण से ही जीवात्मा का उद्धार हो जाता है। इस अवसर पर उन्होंने अजामिल और गणिका का उद्धार करने की कथा विस्तार से सुनाई। भगवान का स्मरण करने से मनुष्य के सभी दुःख दूर हो जाते हैं। इस अवसर पर उन्होंने भगवान ऋषभदेव का अवतार, जड़ भरत जी कथा, हिरण्यकश्यप वध, भक्त प्रहलाद की कथा सुनाते हुए नवधा भक्ति का वर्णन किया और भगवान नरसिंह अवतार की कथा विस्तार से सुनाई । कथा के चौथे दिन भगवान वामन अवतार और राम अवतार की कथा सुनाई जाएगी। संगीतमय भागवत कथा में सभी महिलाओं ने नृत्य कर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।
भागवत कथा में समुद्र मंथन देव दानव युद्ध मोहिनी अवतार कथा सुनाई










