देवली के जैन मंदिर में मुनि वैराग्य सागर महाराज एवं मुनि सुप्रभ सागर महाराज के सानिध्य में श्रावक संस्कार शिविर प्रारंभ किया गया, जिसमें 100 से अधिक शिविरार्थी भाग ले रहे है।
समाज के अंकित डाबर ने बताया कि जैन धर्म का सर्वाधिक महत्वपूर्ण और पवित्र पर्युषण पर्व (दशलक्षण महापर्व) बुधवार से शुरू हो चुका है। दिगंबर जैन परंपरा में भाद्रपद शुक्ल पंचमी से शुरू होने वाले इस 10 दिवसीय आध्यात्मिक उत्सव के पहले दिन उत्तम क्षमा धर्म मनाया गया। उत्तम क्षमा केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मा को शुद्ध करने, क्रोध का त्याग करने और जीवन में शांति की स्थापना करने का महामंत्र है। इस दौरान मूलनायक महावीर स्वामी का प्रथम अभिषेक, शांति धारा एवं संध्याकालीन आरती की गई।
पर्यूषण पर्व पर श्रावक संस्कार शिविर शुरू










