देवली उपखंड के हिसामपुर ग्राम में बाल विवाह की सूचना मिलने पर तालुका विधिक सेवा समिति ने त्वरित संज्ञान लेते हुए बालिका के संरक्षण और काउंसलिंग की कार्रवाई शुरू की। प्रकरण को गंभीर मानते हुए नाबालिग के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
समिति अध्यक्ष हर्ष मीना (न्यायिक मजिस्ट्रेट) ने बताया कि बाल विवाह की सूचना मिलते ही काउंसलिंग और विधिक जागरूकता की प्रक्रिया शुरू की गई तथा महिला काउंसलर भगवान कंवर को उनके घर भेजा गया। काउंसलर ने परिजनों को बताया कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुप्रथा और दंडनीय अपराध है, जिसके नाबालिग के जीवन, शिक्षा और स्वास्थ्य पर दूरगामी दुष्परिणाम होते हैं। उन्होंने बताया कि सम्बंधित बाल विवाह को रुकवा दिया गया है, यदि बालिका अपनी इच्छा व्यक्त करती है तो विभिन्न हितधारकों और प्रशासन के समन्वय से नालसा आशा योजना के अंतर्गत बालिका के लिए रोजगार और पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी। सचिव ने आमजन से अपील की कि बाल विवाह से संबंधित किसी भी सूचना पर नालसा हेल्पलाइन 15100 या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
बाल विवाह दंडनीय अपराध है, नालसा हेल्पलाइन 15100 या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें










