देवली उपखंड के कल्याणपुरा ग्राम में चल रही श्री मद्भागवत ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस पर कथा वाचक पण्डित तुलसी राम शास्त्री ने सूर्य वंश के राजा नागाभ राजा अम्बरीष और राजा हरिश्चंद्र की कथा विस्तार से सुनाई।
गजेन्द्र मोक्ष की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि सच्चे मन से भगवान को याद करने पर वे दौडे हुए चले आते हैं और भक्तो की रक्षा करते हैं। इस अवसर पर उन्होंने वामन अवतार मत्स्य अवतार कच्छप अवतार की कथा विस्तार से सुनाई और राजा बलि की कथा और भगवान द्वारा उसकी परीक्षा लेने और तीन पग द्वारा पृथ्वी आकाश और पाताल लोक को नापकर बलि के यहां रहने की कथा सुनाई गई। भगवान राम अवतार की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम अवतार थे और माता सीता के अपहरण राम रावण युद्ध और लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न का अटूट प्रेम प्रजा का पालन नियम से रहना राक्षसों को मारकर ऋषि मुनियों की रक्षा करने इत्यादि कथा सुनाई। कृष्ण जन्म पर श्रोताओं ने भाव विभोर होकर नृत्य किया। कल की कथा में भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया जाएगा। कथा में एकादशी का महात्म्य बताते हुए कहा कि एकादशी व्रत अवश्य करना चाहिए भगवान प्रसन्न होते हैं कथा में श्रोताओं को देवली से आए श्रद्धालुओं ने ठंडा शरबत पिलाया।
श्री मद्भागवत ज्ञान यज्ञ में वामन अवतार मत्स्य अवतार कच्छप अवतार की कथा सुनाई










