देवली निवासी किन्नर निशा बाई धार्मिक आस्था और श्रद्धा की अनूठी मिसाल पेश करते हुए हरिद्वार से पवित्र गंगाजल की कावड़ लेकर 750 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर निकली है। निशा बाई ने 25 जुलाई को हरिद्वार से अपनी कावड़ यात्रा शुरू की थी। वे यह लंबा सफर नंगे पांव तय कर रही है और आगामी 24 अगस्त को देवली पहुंचने का लक्ष्य है। निशा बाई की इस धार्मिक यात्रा को लेकर देवली क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। यात्रा के दौरान वे विभिन्न स्थानों से गुजरते हुए भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था व्यक्त कर रही है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद नंगे पांव कावड़ यात्रा जारी रखना उनकी दृढ़ आस्था और संकल्प को दर्शाता है।
देवली पहुंचने के बाद हरिद्वार से लाए गए पवित्र गंगाजल से 25 अगस्त को अर्धनारीश्वर मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। यह अर्धनारीश्वर मंदिर निशा बाई की गुरु पायल किन्नर द्वारा बनवाया गया है। मंदिर में होने वाले जलाभिषेक को लेकर श्रद्धालुओं में भी उत्सुकता बनी हुई है। निशा बाई की कावड़ यात्रा न केवल उनकी धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि यह समाज में आस्था, संकल्प और भक्ति का संदेश भी दे रही है। उनके देवली पहुंचने पर स्वागत की तैयारियां भी की जा रही हैं।
750 किलोमीटर नंगे पांव कावड़ यात्रा पर निकली किन्नर निशा बाई, 24 अगस्त को देवली पहुंचेंगी










