देवली विवेकानंद कॉलोनी स्थित पार्श्वनाथ धर्मशाला में मुनि 108 प्रणीत सागर महाराज एवं क्षुल्लक 105 विधेय सागर महाराज के सान्निध्य में चल रहे स्मृति परिवर्तन वर्षायोग-2025 में पर्युषण पर्व महामहोत्सव का आयोजन प्रारम्भ हुआ।
पर्युषण पर्व के प्रथम दिवस पर सर्वप्रथम श्री जी का जुलूस के साथ आयोजन स्थल पर भव्य स्थापना की गई, तत्पश्चात शांतिधारा एवं अभिषेक पूजन तथा त्यागिवृतियो द्वारा तत्त्वार्थ-सूत्र के 10 अध्याय का वाचन किया गया। वाचन के उपरांत मुनि ने प्रथम अध्याय का अर्थ बताते हुए बताया की सम्यक दर्शन, सम्यकज्ञान, सम्यक्चारित्र ही मोक्ष का मार्ग है मिथ्यादृष्टि नही, मिथ्यादृष्टि जीव कभी मोक्ष को प्राप्त नही कर सकता उसी के साथ विस्तार से प्रथम सूत्र का अर्थ समझाया। मीडिया प्रभारी विकास जैन ने बताया कि रात्रि में चन्द्रपभु मन्दिर पाठशाला के बालकों द्वारा सांस्कृतिक क्रार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व का महामहोत्सव प्रारम्भ, उत्तम क्षमा धर्म की हुई पूजन

