बंदरगाहों के हाइब्रिड सुरक्षा मॉडल के निर्माण की दिशा में एक प्रयास में, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने बंदरगाहों पर तैनात निजी सुरक्षा कर्मियों के लिए अपना पहला विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू किया है। जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण (जेएनपीए) मुंबई और चेन्नई बन्दरगाह प्राधिकरण (सीएचपीए) में एक साथ शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य निजी सुरक्षा कर्मियों की क्षमता निर्माण, बंदरगाह सुरक्षा प्रोटोकॉल के मानकीकरण और सभी बंदरगाहों पर अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संहिताको के अनुपालन को सुनिश्चित करके भारत के हाइब्रिड बंदरगाह सुरक्षा मॉडल को मजबूत करना है।
प्रथम चरण के दौरान, तीन प्रमुख बंदरगाहों- जेएनपीए शेवा, डीपीए कांडला और एमपीए मुंबई के 40 निजी सुरक्षा कर्मियों ने जेएनपीए प्रशिक्षण सुविधा, मुंबई में कार्यक्रम में नामांकन कराया है और चार प्रमुख बदरगाहों न्यू मैंगलोर पोर्ट अथोरिटी (एनएमपीए), कामराजर पोर्ट लिमिटेड (केपीएल) एन्त्रीर चत्रई पोर्ट अथॉरिटी (सीएचपीए) और वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट अथॉरिटी (वीओसीपीए) तूतीकारिन के 26 निजी सुरक्षा कर्मियों ने सीएचपीए प्रशिक्षण केंद्र चेन्नई में कार्यक्रम में नामांकन कराया है। इस अवसर पर पी.एस. रणपिसे, अपर महानिदेशक/दक्षिण ने कहा यह पहल हाइविड बंदरगाह सुरक्षा मॉडल को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सीएचपीए, चेन्नई में उद्घाटन सत्र के दौरान, चेन्नई पोर्ट अथॉरिटी के अध्यक्ष सुनील पातीवाल नाईएएस) ने कहा इस पाठ्यक्रम की शुरूआत बंदरगाह सुरक्षा प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतीक है। सरवनन, महानिरीक्षक (भापूसे), सीआईएसएफ दक्षिण खंड मुख्यालय ने कहा, बंदरगाहों के जटिल वातावरण के अनुरूप केंद्रित प्रशिक्षण प्रदान करके, हम सुरक्षा कर्मियों को आत्मविश्वास और पेशेवरिता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए सशक्त बना रहे हैं।
सीआईएसएफ ने भारत के हाइब्रिड बंदरगाह सुरक्षा मॉडल को निर्मित करने की शुरुआत की : पायलट आधार पर निजी सुरक्षा कर्मियों के लिए प्रशिक्षण आरम्भ

