देवली शहर की तेजाजी कॉलोनी में आयोजित हो रहे अर्धनारीश्वर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत कथावाचिका पूजा बैरागी द्वारा शिवमहापुराण की कथा का रसपान कराया जा रहा है, जिससे पूरा क्षेत्र शिवमय वातावरण में डूबा हुआ है।
कथावाचिका ने शिवमहापुराण के महात्म्य का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार देवताओं के राजा देवराज इंद्र को शिवपुराण के श्रवण से परम कल्याण की प्राप्ति हुई। उन्होंने कथा के माध्यम से यह संदेश दिया कि “हंस-हंस कर किया गया पाप, रो-रो कर भुगतना पड़ता है”, यह जीवन का शाश्वत सत्य है। उन्होंने शिव पूजन की विधि, बेलपत्र के महत्व और उसके धार्मिक रहस्य को सरल शब्दों में समझाया। साथ ही नारदजी के मोह और उनके अभिमान के नाश की कथा सुनाकर यह बताया कि अहंकार चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, अंततः प्रभु की शरण में ही उसका अंत होता है। कथा के दौरान उन्होंने भगवान शिव को “कालों के काल महाकाल” बताते हुए उनके अनंत स्वरूप का भावपूर्ण वर्णन किया। कार्यक्रम की आयोजक पायल बाई किन्नर ने बताया कि यह धार्मिक आयोजन महाशिवरात्रि तक निरंतर जारी रहेगा। शिव पुराण कथा के बाद आरती कर सभी लोगों को प्रसादी का वितरण किया गया।
अर्धनारीश्वर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव : परम कल्याण की प्राप्ति में शिवमहापुराण की कथा का महत्तव समझाया










