श्री दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर के तत्वाधान में देवली के श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में सात दिवसीय श्रमण संस्कृति शिविर संपन्न हुआ।
प्रवक्ता अंकित जैन डाबर ने बताया कि शिविर में विद्वत कुशाल जैन शास्त्री टोंक और मंथन जैन शास्त्री हिंडौन ने लोगों को ज्ञान रूपी समुद्र में डुबकी लगवाई। शिविर के दौरान श्री तत्वार्थसूत्र, श्री इष्टोपदेश, बालबोध भाग- 1 और प्रातः काल सभी के लिए मंगलाष्टक और पूजन की पंक्तियों के अर्थ की कक्षा भी चलाई गई। शिविर में 70 लोगों ने बैठ कर मां जिनवाणी का स्वाध्याय किया। शिविर के अंत में परीक्षा का आयोजन भी किया गया जिसमें वर्षा जैन डाबर ने प्रथम, सीमा शाह ने द्वितीय एवं दक्ष जैन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। तत्त्वार्थ सूत्र विषय में प्रथम हीरामणि बाकलीवाल, द्वितीय प्रेम देवी अजमेरा एवं तृतीय स्थान पारसमल जैन ने प्राप्त किया। इष्टोंपदेश विषय में शकुंतला जैन ने प्रथम, द्वितीय अलका जैन एवं तृतीय स्थान अंजना जैन ने प्राप्त किया। बालबोध (बच्चों ) में मौखिक में अव्यान जैन प्रथम, लिखित में कनिका जैन ने प्रथम, द्वितीय नमन जैन, तृतीय अग्रणी जैन ने प्राप्त किया। अध्यक्ष संजय काला, पदम पाटनी, शांतिलाल सोनी, डॉ विमल जैन, महावीर प्रसाद जैन, गोविंद बाकलीवाल, द्वादश वर्षीय पाठ्यक्रम के अध्यक्ष राकेश अजमेरा, महिला अध्यक्ष पिंकी सेठी, नवयुवक मंडल अध्यक्ष नरेंद्र बड़जात्या ने सभी प्रतिभागियों को पारितोषिक देकर सम्मानित किया।
श्रमण संस्कृति शिविर का समापन, सभी प्रतिभागियों को पारितोषिक देकर किया सम्मानित










