देवली के श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में गणाचार्य विराग सागर की शिष्या गणिनी 105 विज्ञाश्री माताजी का 15 वाँ गणिनी पदारोहण दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु महावीर स्वामी के अभिषेक, शांतिधारा तत्पश्चात विज्ञाश्री गुरु भक्त परिवार से पधारे हुए भक्तों ने मिलकर गणाचार्य भगवान विराग सागर एवं पट्टाचार्य विशुद्ध सागर के चित्र का अनावरण कर दीप प्रज्ज्वलन किया।
प्रतीक जैन ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान गुरु पूजन की पुस्तकों का विमोचन किया गया तथा महिला मण्डल के द्वारा भक्ति नृत्य की प्रस्तुति दी गई। सभी भक्तों ने भक्ति भावों के साथ गुरु पूजन सम्पन्न की। 15 वें गणिनी पदारोहण दिवस उपलक्ष्य में पूज्य माताजी के कर कमलों में 15 शास्त्र, वस्त्र भेंट किया। अध्यक्ष संजय जैन ने बताया कि पूज्य गुरुमाँ ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि माताजी ने आचार्य भगवान के श्री चरणों में विनयांजलि प्रस्तुत करते हुए कहा कि जिनशासन के सूर्य कहाते विमल सूरि के चेला हैं। सम्मति पाकर आदि सिन्धु सी, कीर्ति महावीर की गाते। श्रेष्ठ समाधि करके आपने, सर्वश्रेष्ठ उपदेश दिया। विशुद्ध धारा बहने हेतु हम सबका कल्याण किया। इस मौके पर जयपुर, निवाई, चाकसू, बूंदी, दूनी, आवां, ब्यावर, भीलवाड़ा, सावर आदि स्थानों से भक्त पधारे।
विज्ञाश्री माताजी का मनाया 15 वाँ गणिनी पदारोहण दिवस महोत्सव










