देवली उपखंड के कल्याणपुरा ग्राम स्थित सीताराम मंदिर में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में शुक्रवार को कथावाचक तुलसीराम शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण द्वारा इस पृथ्वी पर दुष्टों का नाश करने व धर्म की स्थापना करने पर जोर दिया।
कथावाचक ने कृष्ण भगवान और जरासंध की कथा, शिशुपाल वध, भगवान कृष्ण द्वारा रुक्मिणी विवाह, शंखासुर वध, द्वारिका नगरी का निर्माण व भगवान द्वारा पृथ्वी पर राज्य करने वाले यदुवंशीयो की कथा विस्तार से सुनाई। इस अवसर पर कृष्ण और रुक्मिणी की झांकी सजाई गई और रुक्मिणी हरण रुक्मैय से युद्ध और शिशुपाल वध समेत भगवान के पुत्र प्रदुम्न जन्म रति कामदेव की कथा और पौत्र अनिरूद्ध उषा के प्रेम कथा बाणासुर के साथ युद्ध और भगवान कृष्ण द्वारा 16108 रानियो के साथ विवाह की कथा विस्तार से सुनाई। द्वारका में सत्तराजित यादव व स्यमंतक मणि की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भागवत सुनने से मोक्ष प्राप्त होती है। उन्होंने भगवान कृष्ण की विभिन्न कथाएं सुनाई। रुक्मिणी विवाह में महिलाओं ने मनमोहन नृत्य किया। शनिवार को कथा में परीक्षित मोक्ष और भागवत महात्म्य सुनाई जाएगी तथा पुर्णाहुति होगी।
श्रीमद् भागवत कथा : श्रीकृष्ण ने पृथ्वी पर दुष्टों का नाश करने व धर्म की स्थापना करने पर जोर दिया










