देवली के अटल उद्यान स्थित टीनशैड प्लेटफार्म पर चल रही 15 दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा ज्ञानयज्ञ महामहोत्सव में गत रात्रि राम जानकी सहित चारों भाइयों के विवाह की सजीव झांकी सजाई गई तथा विवाह महोत्सव मनाया गया। विवाह महोत्सव में श्रद्धालुओं ने उल्लासपूर्वक भाग लिया।
कथा वाचन कर रहे महामंडलेश्वर 1008 दिव्य मुरारी बापू ने सफलता के 4 सूत्र बताते हुए कहा कि मनुष्य को ईश्वर में विश्वास रखना चाहिए, हमेशा प्रत्येक जीव के साथ सद्भावना, किसी भी कार्य से घबराना नहीं चाहिए, धैर्य रखना चाहिए एवं माता पिता व गुरु का आशीर्वाद भी होना चाहिए। कथा के दौरान भगवान श्री सीताराम जी के विवाह में प्रधान रूप से पांच प्रसंग बताये गये जिनमें नगर दर्शन लीला, पुष्प वाटिका, धनुष यज्ञ, परशुराम संवाद और श्री सीताराम विवाह शामिल हैं। श्री सीताराम विवाह में चारों भाइयों का विवाह एक ही मण्डप में हुआ। पूज्य गोस्वामी जी विवाह प्रसंग में जीव ब्रह्म को प्राप्त कर सके, हम आप भगवान को पावैं, इसके लिए सूत्र बताए। पहली बात मन की चंचलता को ईश्वर को सौंप देना, जहां भी मन जाए वहां ईश्वर का चिन्तन करना। दूसरा शत प्रतिशत भगवान की शरणागति स्वीकार करे। तीसरी कृपा गुरुदेव करते हैं। गुरुदेव वशिष्ठ ने सीताराम जी का गठबंधन किया और विवाह कराया। विवाह महोत्सव में श्रद्धालुओं ने उल्लासपूर्वक भाग लिया तथा जमकर ठुमके लगाए। कथा का समापन आरती व प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
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श्रीराम कथा ज्ञानयज्ञ : प्रभु श्री राम एवं माता सीता के विवाह की जीवंत झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया










