देवली उपखंड की ग्राम पंचायत गावड़ी के दुर्गापुरा ढाणी निवासी धनराज बैरवा की करंट से मौत के बाद अम्बेडकर विचार मंच के बैनर तले धरना प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। रविवार सुबह से मृतक का शव एसएमएस हॉस्पिटल जयपुर की मोर्चरी में रखा हआ है। परिजनों ने मांगे ना मानने तक शव उठाने से इंकार कर दिया है। ग्रामीण और परिजन 50 लाख आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी दिलवाने की मांग पर अड़े हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि धनराज 2 जून को बिजली के करंट से बुरी तरह झुलस गया था, जिसका एसएमएस चिकित्सालय जयपर में इलाज चल रहा था, इलाज के दौरान पीड़ित के दोनों हाथ भी काटने पड़े। इस दौरान वे जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करते हुए आखिरकार उन्होंने रविवार को दम तोड़ दिया। मामले को लेकर क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है तथा लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मंच के आह्वान पर सोमवार को बाजार बन्द रखा गया। परिजनों एवं ग्रामीणों का आरोप है कि यह हादसा बिजली विभाग की लापरवाही का परिणाम है। दोपहर में नरेश मीणा भी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। रविवार रात प्रदर्शन के बीच उपखंड अधिकारी रूबी अंसार धरनास्थल पहुँची थी और लोगों से समझाईश की कोशिश की लेकिन सहमति नहीं बन पाई। इस दौरान सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष मुकेश मीणा भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। कार्यकर्ताओं की मांग है कि पीड़ित परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता एवं परिवार में एक जाने को सरकारी नौकरी दी जाए। धरने को कई कार्यकर्ताओं ने संबोधित करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
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धनराज बैरवा को न्याय दिलाने आए नरेश मीणा, सैकड़ों कार्यकर्ता बैठे है धरने पर, बाजार बंद रख कर व्यापारियों ने दिया आंदोलन को समर्थन










