देवली उपखण्ड में आवां प्रशासक दिव्यांश एम भारद्वाज ने राज्य वित्त आयोग के समक्ष जो सुझाव दिए उन पर आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने गंभीरता से लिया।
दिव्यांश ने कहा कि यदि ग्राम पंचायतों को विकास के लिए आर्थिक रूप से सुदृढ़ करना है तो उनमें निजी आय बढ़ाने के उपाय हों। भारद्वाज ने कहा कि शहरों में जिस तरह से स्ट्रीट लाइट होती है वैसे ही अंधेरे में डूबे गांव भी स्ट्रीट लाइट से जगमग हो। जयपुर शासन सचिवालय स्थित पंचायत राज भवन में मंगलवार को आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश से 25 चुनिंदा जन प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था, जिसमें दिव्यांश भी शामिल हुए। बैठक में आवां के विकास कार्य भी दिखाए गए। आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने आवां में हुए विकास को अन्य पंचायतों के लिए नजीर बताया। भारद्वाज ने सुझाव दिया कि केंद्र या राज्य वित्त आयोग से मिलने वाली राशि जिला परिषदों और पंचायत समितियों से पहले ग्राम पंचायतों को मिले, जबकि ऐसा नहीं होता है। ग्राम पंचायतों को यह राशि सबसे बाद में दी जाती है तथा ग्राम पंचायतों में एक सहायक कर्मचारी फोर्थ क्लास की नियुक्ति भी होना चाहिए।
वित्त आयोग ने आवां के विकास को सराहा, दिव्यांश एम भारद्वाज को किया सम्मानित










