देवली उपखंड मुख्यालय पर 2 दिन से चल रहा धरना गत रात्रि को प्रशासन एवं आंदोलनकारी के बीच सहमति बनने के बाद समाप्त हो गया है। प्रशासन द्वारा मृतक धनराज बैरवा के परिजनों को 15 लाख रुपए एवं संविदा पर नौकरी देने का वादा किया गया है।
उल्लेखनीय है कि दुर्गापुरा निवासी धनराज बैरवा की करंट से झुलसने के बाद 2 जून को एसएमएस चिकित्सालय में मौत हो गई थी। इस मामले में विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजन एवं अंबेडकर विचार मंच के कार्यकर्ता रविवार को उपखंड कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए थे। सोमवार को दोपहर बाद बीएसएस सुप्रीमो नरेश मीणा भी धरना स्थल पर पहुंचे तथा आंदोलन में सक्रियता से भाग लिया। इस दौरान प्रशासन और आंदोलन कार्यों के बीच वार्ता भी हुई। बाद में रात्रि को उपखंड अधिकारी रूबी अंसार, पुलिस अपअधीक्षक हेमराज मुंड की मौजूदगी में करीब 2 घंटे वार्ता चली तथा पीड़ित परिवार के पक्ष में फैसला किया गया। उपखंड अधिकारी ने धरना स्थल पर आकर सभी को फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि समझौते के तहत धनराज बैरवा के परिजनों को कुल 15 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके तहत 5 लाख रुपए विद्युत निगम की योजना द्वारा, 5 लाख आयुष्मान बीमा योजना तथा 5 लाख रुपए सामूहिक सहयोग से दिए जाएंगे। मृतक के परिजनों को संविदा पर नौकरी देने का आश्वासन दिया तथा मृतक की पत्नी को आंगनबाड़ी में रोजगार दिलाने के प्रयास किए जाएंगे। इसी प्रकार मृतक की तीनों बेटियों को पालनहार योजना के तहत 1500 रुपए प्रत्येक की राशि मिलेगी तथा इंदिरा आवास उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया। उपखंड अधिकारी द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद आंदोलनकारी ने धरना समाप्ति की घोषणा की।
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धनराज के परिजनों को मिलेगा 15 लाख का मुआवजा एवं संविदा पर नौकरी, प्रशासन एवं आंदोलनकारियों के बीच देर रात बनी सहमति










