मुनि 108 वैराग्य सागर महाराज एवं मुनि 108 सुप्रभसागर महाराज का विद्या वैराग्यवर्धन वर्षा योग 2026 हेतु श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर एवं धर्मशाला ट्रस्ट देवली में बुधवार को भव्य मंगल प्रवेश हुआ।
मुनि ससंघ ने जहाजपुर चुंगी नाके से प्रवेश किया जहां महावीर मंदिर के अध्यक्ष संजय जैन एवं कार्यकारणी के सदस्यों द्वारा पाद प्रक्षालन कर आगवानी की गई। इस अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा मुख्य बाजार में स्वागत द्वार लगाए गए ओर महाराज का पाद प्रक्षालन किया गया। भव्य जुलूस महावीर मंदिर पहुंचा जहां पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट पश्चात महाराज के मंगल प्रवचन हुए।
धर्मसभा में मुनि वैराग्य सागर ने कहा कि जीवन में अनंत भगवान एवं गुरुजनों की भक्ति से ही पापों का प्रक्षालन होता है और आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं के उत्साह और गुरु सेवा की भावना की सराहना करते हुए कहा कि यही भक्ति जीवन को सार्थक बनाती है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित चातुर्मास किसी एक समाज, संस्था या मंदिर का नहीं, बल्कि पूरे देवली नगर का होगा। उन्होंने समाज में व्याप्त छोटे-छोटे भेदभाव समाप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने 21 जुलाई से प्रारंभ होने वाले अष्टानिका महापर्व एवं सिद्धचक्र महामंडल विधान में अधिकाधिक सहभागिता का आह्वान किया। कार्यक्रम में बूंदी, बेगू, शाहपुरा, दूनी सहित कई जगह के श्रद्धालु पहुंचे।
मुनि वैराग्य सागर एवं सुप्रभसागर का चातुर्मास हेतु हुआ भव्य मंगल प्रवेश










