श्री महावीर दिगंबर जैन धर्मशाला में विद्या बैरागी वर्धन वर्षा योग के अंतर्गत मुनि 108 वैराग्य सागर महाराज एवं मुनि 108 सुप्रभ सागर महाराज के सानिध्य में 23 वें तीर्थंकर भगवान पारसनाथ का मोक्ष कल्याणक दिवस धूमधाम से मनाया गया।
कार्यक्रम में भगवान के अभिषेक एवं शांति धारा कर मोक्ष निर्माण पर 23 किलो का लाडू चढ़ाया गया। इस अवसर पर मुनि सुप्रभ सागर महाराज ने संबोधित करते हुए कहा कि भगवान पार्श्वनाथ ने सम्मेद शिखरजी (वर्तमान में झारखंड में स्थित) पर अपनी कठोर तपस्या पूरी की थी। भाद्रपद शुक्ल सप्तमी के दिन उन्होंने अपने सभी कर्मों का क्षय करके मोक्ष प्राप्त किया था। इस मौके पर सम्मेद शिखर की रचना की गई। इस अवसर पर सकल दिगम्बर जैन समाज के कई श्रद्धालु उपस्थित थे।
भगवान पारसनाथ का निर्माण दिवस मनाया










