देवली शहर में हज़रत मुहम्मद सल्लाहु अलैही वसल्लम की यौमे पैदाइश पर शाही जामा मस्जिद के चौक भिश्ती मोहल्ला में जलसा ए सीरतुन्नबी कार्यक्रम आयोजित किया गया l
समाज के प्रवक्ता मोहम्मद इदरीस, हारून अंसारी, मुस्लिम पर्सनल बोर्ड के सदर अख़्तर खान ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के मुफ़्ती महफ़ूज़ तहसीनी रहे और विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड से पधारे हाफ़िज़ कारी नावेद बरकाती रहे। शाही इमाम अमान रज़ा वासती ने रहमतुल आलमीन हुजूर अकरम सल्लाहु अलैही वसल्लम की जीवनी पर रौशनी डाली और उनके आदर्शों का हर हाल में पालन करने का पैग़ाम दिया। शाही जामा मस्जिद के नायब इमाम साकिब रज़ा मदनी ने हज़रत मुहम्मद सल्लाहु अलैही वसल्लम के बारे में बताया कि नबी ए करीम जश्न नहीं एक मिशन लेकर दुनियां में आए थे तथा दया, करुणा, समानता, एकता के संदेशवाहक बन कर दुनियां में आए थे। कार्यक्रम में छोटे बच्चों ने हुज़ूर पर नाते पाक पढ़ी।
रंगों नूर निकहत की महफिल सजी










