भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा पेंशनर्स के विरुद्ध जारी वैधता अधिनियम 2025 को वापस लेने की मांग को लेकर पेंशनर्स उप शाखा देवली द्वारा बुधवार को उपखंड मुख्यालय पर प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन उपखंड अधिकारी कार्यालय में सौंपा गया।
अध्यक्ष राजेंद्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि यह अधिनियम लागू होता है तो पेंशन भोगियों की सेवानिवृत्ति की तिथि पेंशन पात्रता के संबंध में वर्गीकरण और उनके बीच अंतर का आधार होगा जिससे केंद्रीय या किसी भी वेतन आयोग के कार्यकाल से पहले के पेंशनर्स वेतन आयोग की सिफारिश के लाभ से वंचित हो जाएंगे मौजूदा पेंशन भोगियों को इस कठिन समय में पेंशन वृद्धि का लाभ न मिलने के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। ज्ञापन में बताया कि जिस प्रकार सातवें केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा 1 जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत हुए और 1 जनवरी 2016 को या उसके बाद सेवानिवृत हुए पूर्व पेंशनरों के बीच समानता की सिफारिश की गई थी और केंद्र सरकार द्वारा वर्ष जनवरी 2016 से इसे स्वीकार किया गया था उसी प्रकार आठवी केंद्रीय वेतन आयोग में भी इस सिद्धांत को यथावत रखा जाए। इस मौके पर सैकड़ो पेंशनर्स मौजूद थे।
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पेंशनर्स ने नए वित्त विधेयक का काली पट्टी बांध कर विरोध एवं प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा










