देवली में नगर पालिका चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो गई है, लेकिन अब तक भाजपा-कांग्रेस ने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। पार्टियां जिताऊ चेहरे की तलाश में वार्डवार सर्वे, जातीय समीकरण और जीत की संभावनाओं पर फोकस कर रही हैं। टिकट की दौड़ तेज है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार नामांकन 27, 29 व 31 अगस्त को होंगे। 1 सितंबर को जांच, 4 को चिन्ह आवंटन, 9 सितंबर को मतदान और 14 सितंबर को मतगणना होगी। नगर पालिका क्षेत्र के कुल 35 वार्ड में कुल मतदाताओं की संख्या 23811 है। इनमें पुरुष मतदाता 11999 एवं महिला मतदाता 11811 है तथा एक मतदाता थर्ड जेंडर है। नगर पालिका चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया 27 अगस्त गुरुवार से शुरू हो गई है, वैसे वैसे दावेदारों की सरगर्मी भी बढ़ती जा रही है। भाजपा और कांग्रेस में आवेदनों की भरमार है। अब दावेदारों में निगाहें टिकटों को पाने पर टिकी हैं। भाजपा की ओर से जहां वार्ड प्रभारियों के जरिए हर प्रत्याशी का फीडबैक लिया जा रहा है, कांग्रेस की संभावना, जातीय गणित और मतदाताओं के समीकरण आदि को शामिल किया गया है। वहीं कांग्रेस में वार्ड के मतदाताओं और जरूर दावेदारी की रिपोर्ट ली गई है। राजनीतिक दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती जिताऊ चेहरा चुनने की है।
आरक्षण बदलने से कई वार्डों में पुराने दावेदारों के समीकरण भी बदल गए हैं। ऐसे में पार्टी के सामने पुराने चेहरों और नए दावेदारों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है।निकाय चुनाव में वार्डों के आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद कई दावेदारों को नए वार्ड तलाशने पड़े हैं। कहीं सामान्य वार्ड महिला हो गया तो कहीं एससी, एसटी या ओबीसी आरक्षण के कारण पुराने दावेदार चुनावी दौड़ से बाहर हो गए। ऐसे में दोनों दलों में कई वार्डों में फिट बैठता एकदम गणित तेजी से बदला जा रहा है। कई वार्ड बदलने वाले संभावित दावेदार भी अब नए क्षेत्रों में संपर्क बढ़ा रहे हैं। वहीं आरक्षित वार्डों में संबंधित वर्ग के मजबूत चेहरों की तलाश शुरू हो गई है। इस बार अभ्यर्थियों को नाम-निर्देशन पत्र भरने के लिए केवल तीन दिन का अवसर मिलेगा। आयोग के निर्देशानुसार 27, 29 और 31 अगस्त को सुबह 10:30 बजे से अपराह्न 3 बजे तक (राजकीय अवकाश को छोड़कर) नामांकन पत्र भरे जा सकेंगे।
देवली नगरपालिका चुनाव : नामांकन शुरू पर प्रत्याशी घोषित नहीं











