देवली में रविवार को जन सेवा समिति के तत्वाधान में साफा डे का हर्षोल्लास के साथ आयोजन किया गया।
साफामैन तरुण राज सिंह राजावत खरेड़ा द्वारा शहरवासियों को साफा बांधने की कला सिखाई गई जिसके तहत विलुप्त होती संस्कृति को बचाने के लिए 15 साल से चलाया गया अभियान आज देवली में जारी रहा। राजावत का मानना है कि जब तक किसी पेड़ की जड़े सुरक्षित है तो वह पेड़ सुरक्षित रहेगा अगर किसी पेड़ की जड़े सुरक्षित नहीं है तो वह पेड़ ज्यादा समय तक जीवित नहीं रह सकता इसलिए हमारी संस्कृति को बचाना आवश्यक है। साफा बांधना धोती बांधना हर व्यक्ति को आना चाहिए क्योंकि हमारे राजस्थान की संस्कृति है। इस अवसर पर अब तक वे ढाई लाख से अधिक लोगों को ऑनलाइन ऑफलाइन साफा बांधना सीखा चुके हैं। 1 मिनट में 7 व्यक्तियों के सिर पर साफा बांधने का रिकॉर्ड है उसके साथ ही आंखें बंद करके चार लोगों के सिर पर साफा बांध लेते हैं, सबसे छोटा साफा जो है 0.5 सेंटीमीटर का है का रिकॉर्ड बना चुके हैं। इस अवसर पर घीसालाल टेलर, अजय आर्य, चंद्र प्रकाश माहेश्वरी, नाथू लाल वैष्णव अशोक विजय आदि उपस्थित थे।
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15वां साफा दिवस हर्षोल्लास से मनाया










