विद्यालयी शिक्षा में व्यावसायिक शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन तथा शिक्षकों की व्यावसायिक दक्षताओं के संवर्धन के उद्देश्य से राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के तत्वावधान में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर में पांच दिवसीय राष्ट्र स्तरीय शिक्षक क्षमता संवर्धन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
परिषद के पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान भोपाल के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्थान के विभिन्न जिलों से चयनित शिक्षकों ने सहभागिता की। इसमें भीलवाड़ा जिले में कार्यरत शिक्षक डॉ. अस्मिता मिश्रा ने राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रशिक्षण में सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. मिश्रा ने राजस्थान में व्यावसायिक शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु राज्य स्तर पर किए जा रहे नवाचारों, पहलों एवं विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया। उन्होंने व्यावसायिक शिक्षा के अतिरिक्त प्रदेश में संचालित ऐसी अभिनव शैक्षिक पहलों को भी साझा किया, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय एवं अन्य राज्यों के लिए आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जा सकता है। इस अवसर पर उन्होंने व्यापक कार्य शिक्षा कार्यक्रम के उद्देश्यों, क्रियान्वयन एवं शैक्षिक महत्व पर भी प्रभावी प्रस्तुति दी। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-विद्यालयी शिक्षा 2023 के अनुरूप आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य मध्य स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा के क्रियान्वयन हेतु शिक्षकों की क्षमता विकसित करना था। प्रशिक्षण में कौशल आधारित शिक्षा, अनुभवात्मक अधिगम, व्यावसायिक दक्षताओं के विकास तथा विद्यालयी शिक्षा में व्यावसायिक गतिविधियों के समावेशन पर विशेष बल दिया गया। यह सहभागिता राजस्थान की शैक्षिक नवाचारों एवं उत्कृष्ट कार्यों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने तथा अन्य राज्यों के साथ अनुभवों के आदान-प्रदान की दृष्टि से महत्वपूर्ण रही।










