देवली के नेवर बाग बालाजी मंदिर में आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम बेंगलुरु से पधारी साध्वी अमृता के सानिध्य में दिव्य रूद्र पूजा का आयोजन श्रद्धा भक्ति एवं वैदिक परंपरा के अनुरूप संपन्न हुआ।
समाजसेवी टीकम सैन ने बताया कि इस दौरान साध्वी ने बताया कि पूजा में हम भगवान को जो अर्पित करते हैं वास्तव में भगवान को उनकी जरूरत नहीं होती, वह तो इस भाव के साथ अर्पित किया जाता है कि हे ईश्वर आपने हमें जो कुछ दिया है उसी में से थोड़ा सा अंश आपको समर्पित करते हैं। पूजा ईश्वर के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का एक माध्यम है जिसे पूर्ण श्रद्धा भाव से करना चाहिए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधकों एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। आर्ट ऑफ लिविंग के शिक्षक नवल किशोर पारीक ने बताया कि आश्रम से पधारी साध्वी ने रूद्र पूजा का आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व बताते हुए कहा कि रूद्र पूजा केवल एक पूजा नहीं है बल्कि भीतर की शुद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव है।
वैदिक मंत्र के साथ दिव्य रूद्र पूजा संपन्न










